Sign Up to Our Newsletter

Be the first to know the latest updates

गौरी व्रत प्रारंभ 2026: तिथि, गुजराती परंपरा और पूजा विधि

गौरी व्रत कब से आरंभ है

वर्ष 2026 में गौरी व्रत 25 जुलाई, शनिवार से आरंभ होगा। यह आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से प्रारंभ होकर पांच दिनों तक चलता है और गुरु पूर्णिमा के दिन इसका समापन होता है। यह व्रत मुख्य रूप से गुजरात राज्य में अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है, हालांकि महाराष्ट्र सहित अन्य कुछ क्षेत्रों में भी इसे मनाने की परंपरा है।

गौरी व्रत का महत्व

गौरी व्रत देवी पार्वती को समर्पित एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे मुख्य रूप से कुंवारी कन्याओं और सुहागिन स्त्रियों द्वारा किया जाता है। कुंवारी कन्याएं इस व्रत को सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए करती हैं, जबकि सुहागिन महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना से इसे रखती हैं। इस व्रत को “जयापार्वती व्रत” के नाम से भी जाना जाता है, तथा गुजराती भाषा में इसे “मोरकट व्रत” (મોળાકત વ્રત) भी कहा जाता है, क्योंकि इस व्रत के दौरान नमक रहित भोजन ग्रहण किया जाता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार देवी पार्वती ने भी भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए इसी प्रकार की कठोर तपस्या और उपवास किया था। इसी परंपरा का अनुसरण करते हुए कन्याएं और महिलाएं यह व्रत रखती हैं, ताकि उन्हें भी माता पार्वती के समान सुखी और समृद्ध वैवाहिक जीवन प्राप्त हो सके।

गौरी व्रत की विधि

गौरी व्रत आषाढ़ शुक्ल एकादशी से आरंभ होकर पांच दिनों तक लगातार चलता है। व्रत के प्रथम दिन घर के पूजा स्थल में एक छोटे पात्र में जौ अथवा गेहूं के दाने बोए जाते हैं, जिन्हें “जवारा” कहा जाता है। इन जवारों की प्रतिदिन प्रातःकाल पूजा की जाती है और उन्हें जल अर्पित किया जाता है। पूजा के दौरान सूती धागे से बना एक विशेष हार, जिसे “नगला” कहा जाता है, कुमकुम अथवा सिंदूर से सजाकर जवारा के पात्र के साथ स्थापित किया जाता है।

पांच दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान में प्रतिदिन समान परंपराओं का पालन किया जाता है। व्रती इन पांच दिनों के दौरान नमक रहित भोजन ग्रहण करती हैं तथा गेहूं से बने उत्पादों और कुछ विशेष सब्जियों का त्याग करती हैं। मुख्य रूप से साबूदाना, फल, दूध तथा सिंघाड़े जैसे सात्विक आहार का सेवन किया जाता है।

जयापार्वती जागरण

गौरी व्रत के अंतिम दिन से पूर्व, अर्थात गौरी तृतीया पूजा से एक दिन पहले, जब प्रातःकाल की पूजा के पश्चात उपवास तोड़ा जाता है, उस रात्रि को महिलाएं जागरण करती हैं। इस रात्रि में वे पूरी रात भजन-कीर्तन करते हुए माता पार्वती की आराधना और ध्यान में लीन रहती हैं। धार्मिक भजनों तथा रात्रि जागरण की इस विशेष प्रथा को “जयापार्वती जागरण” के नाम से जाना जाता है, जो इस व्रत का सबसे भावपूर्ण और महत्वपूर्ण भाग माना जाता है।

व्रत का समापन

पांच दिनों की साधना के पश्चात व्रत का समापन गुरु पूर्णिमा के दिन होता है। समापन के दिन स्नान करने के बाद जवारा के पात्र से जवारा निकालकर उन्हें किसी बगीचे अथवा पवित्र स्थान पर रोपित किया जाता है। इस दिन नमक और गेहूं सहित पूर्ण भोजन ग्रहण किया जाता है, तथा माता के मंदिर में जाकर पूर्ण विधि-विधान के साथ व्रत तोड़ा जाता है। इस अवसर पर माता गौरी को विदाई दी जाती है, जैसे किसी सुहागन कन्या को उसके ससुराल विदा किया जाता हो।

पूजा सामग्री और विधि

गौरी व्रत की पूजा में माता गौरी (पार्वती) की मुख्य रूप से पूजा की जाती है, साथ ही भगवान शिव, गणेश जी तथा कुमकुम से सजी हुई सौभाग्य सामग्री का भी पूजन होता है। कई स्थानों पर देवी गौरी की मिट्टी अथवा धातु से बनी प्रतिमा का पूजन किया जाता है। प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के पश्चात पूजा स्थान को शुद्ध कर एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर माता गौरी की प्रतिमा स्थापित की जाती है।

व्रत का फल

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गौरी व्रत का श्रद्धापूर्वक पालन करने से कुंवारी कन्याओं को सुयोग्य और मनचाहा वर प्राप्त होता है, जबकि सुहागिन महिलाओं का सुहाग अखंड बना रहता है। इस व्रत को करने से पारिवारिक सुख-समृद्धि तथा जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। यह व्रत गुजराती परिवारों में विवाह-योग्य कन्याओं के जीवन के एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक अनुष्ठान के रूप में भी देखा जाता है।

निष्कर्ष

25 जुलाई 2026 से आरंभ होने वाला गौरी व्रत माता पार्वती की भक्ति, समर्पण और सामाजिक-सांस्कृतिक परंपरा का एक सुंदर संगम है। पांच दिनों तक चलने वाला यह व्रत विशेष रूप से गुजराती समाज में कन्याओं और महिलाओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। श्रद्धापूर्वक इस व्रत का पालन करने से भक्तों को माता गौरी की विशेष कृपा तथा सुखमय वैवाहिक जीवन की प्राप्ति होती है।

casey jordan

casey jordan

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get Latest Updates and big deals

    Our expertise, as well as our passion for web design, sets us apart from other agencies.

    Btourq @2023. All Rights Reserved.